सांस्कृतिक समारोह अनुदान योजनाएं (CFGS)

गैर लाभार्थी संगठनों द्वारा सांस्कृतिक विषयों पर सेमिनारों, उत्सवों तथा प्रदर्शनियों के लिए वित्तीय सहायता की स्कीम

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कार्य क्षेत्र

इस स्कीम में सोसाइटियों, न्यासों तथा विश्वविद्यालयों सहित, जो भारतीय संस्कृति के विभिन्न पहलुओं पर सेमिनार, अनुसंधान, कार्यशालाएं, उत्सव तथा प्रदर्शनियां आयोजित करते हैं, सभी गैर लाभार्थी संगठनों को सहायता देना शामिल है। ये संगठन सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम (1860 का गगपं), न्यास अधिनियम, कंपनी अधिनियम या केन्द्र या राज्य सरकार के अन्य किसी अधिनियम के तहत पंजीकृत होने चाहिए और कम से कम तीन वर्ष से कार्यरत होने चाहिए। तथापि, यह स्कीम ऐसे संगठनों या संस्थाओं के लिए नहीं होगी जो धार्मिक संस्थाओं या स्कूलों/कॉलेजों के रूप में कार्य कर रहे हों। अनुदान, सांस्कृतिक विरासत, कलाओं, साहित्य और अन्य सृजनात्मक कार्यों के परिरक्षण या संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण विषयों पर सम्मेलनों, सेमिनारों, संगोष्ठियों, उत्सवों तथा प्रदर्शनियों जैसे सभी प्रकार के परस्पर मेलजोल के मंचों के लिए दिया जाएगा।

पात्रता

  1. अनुदान का पात्र होने के लिए आवेदक संगठन का समुचित रूप से गठित ऐसा प्रंबधन निकाय या शासी परिषद होनी चाहिए जिसकी शक्तियां, कार्य व जिम्मेदारियां लिखित संविधान में स्पष्ट रूप से परिभाषित व निर्धारित हों।
  2. संगठन द्वारा परियोजना लागत के कम से कम 25 प्रतिशत तक मैचिंग संसाधनों का करार किया होना चाहिए या इसकी योजना बनाई जानी चाहिए।
  3. संगठन के पास उस समारोह/परियोजना को शुरू करने के लिए सुविधाएं, संसाधन, कार्मिक तथा अनुभव होना चाहिए जिसके लिए अनुदान की मांग की गई हो।
  4. यथा आवेदित ऐसे समारोह के आयोजनों के विगत अनुभव को वरीयता दी जाएगी।

सहायता की मात्रा :

उक्त पैरा 4 के तहत विशिष्ट परियोजनाओं के लिए अनुदान, विशेषज्ञ समिति द्वारा यथा संस्तुत व्यय का 75 प्रतिशत तक परन्तु प्रति परियोजना अधिकतम 5.00 लाख रू. तक दिया जाएगा। अपवाद स्वरूप परिस्थितियों में (सक्षम प्राधिकारी अर्थात् संस्कृति मंत्रालय के अनुमोदन से) 20.00 लाख रूपए की राषि प्रदान की जा सकती है।

लेखाकरण पद्धतियां

केन्द्र सरकार द्वारा जारी अनुदानों के संबंध में अलग लेखे रखे जाएंगे।

  1. अनुदान प्राप्तकर्ता संगठन के लेखाओं की समीक्षा, भारत के नियन्त्रक एवं महालेखा परीक्षक या उसके विवेक पर उसके नामिती द्वारा की जा सकेगी।
  2. अनुदान प्राप्तकर्ता संगठन, भारत सरकार को अनुमोदित परियोजना पर किए गए व्यय का उल्लेख करते हुए और पूर्व वर्षों में सरकारी अनुदान के उपयोग का ब्यौरा देते हुए किसी सनदी लेखाकार से संपरीक्षित लेखाओं का विवरण प्रस्तुत करेगा। यदि उपयोग प्रमाण-पत्र निर्धारित अवधि के भीतर प्रस्तुत नहीं किया जाता है तो अनुदान प्राप्तकर्ता को प्राप्त अनुदान की समग्र राशि और उस पर भारत सरकार की वर्तमान दर पर ब्याज तत्काल वापिस करना होगा बशर्तें कि सरकार द्वारा विशेष रूप से ब्याज माफ न किया गया हो।
  3. अनुदान प्राप्तकर्ता संगठन की, सरकार द्वारा कभी भी आवश्यक समझे जाने पर कोई समिति नियुक्त करके या सरकार द्वारा निर्धारित किसी अन्य तरीके से भारत सरकार, संस्कृति मंत्रालय द्वारा समीक्षा की जा सकेगी।
  4. अनुदान प्राप्तकर्ता संगठन, विदेश मंत्रालय से अनुमति लिए बिना विदेशी प्रतिनिधिमण्डल को आमंत्रित नहीं करेगा, जिसके लिए आवेदन अनिवार्यतः संस्कृति मंत्रालय के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा।
  5. यह ऐसी अन्य शर्तों के अध्यधीन होगा जो समय-समय पर सरकार द्वारा लागू की जाएं।

आवेदन प्रस्तुत करने की पद्धति

यह स्कीम सम्पूर्ण वर्ष खुली रहेगी। इस स्‍कीम के अंतर्गत अनुदान हेतु विहित प्रपत्र में आवेदन पत्र को निदेशक, उत्‍तर मध्‍य क्षेत्र सांस्‍कृतिक केन्‍द्र (एनसीजेडसीसी), 14, सीएसपी सिंह मार्ग, इलाहाबाद-211001 को भेजा जाए। आवेदन, किसी भी राष्ट्रीय अकादमी या भारत सरकार के तहत संस्कृति से सम्बद्ध किसी अन्य संगठन या संबंधित राज्य सरकार/संघ राज्य प्रशासन, राज्य अकादमियों द्वारा संस्तुत होना चाहिए।

आवेदन के साथ संलग्न किए जाने वाले दस्तावेज

  1. संगठन का संविधान
  2. प्रबंधन बोर्ड या शासी निकाय का संविधान और प्रत्येक सदस्य का ब्यौरा
  3. नवीनतम उपलब्ध वार्षिक रिपोर्ट की प्रतिलिपि
  4. निम्नलिखित सहित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट:
    1. परियोजना की अवधि सहित उस परियोजना का विवरण जिसके लिए सहायता का अनुरोध किया गया है तथा परियोजना के लिए सेवा में लगाए जाने वाले स्टाफ की अर्हताओं तथा अनुभव का ब्यौरा;
    2. आवर्ती व गैर-आवर्ती व्यय का अलग से मदवार ब्यौरा देते हुए परियोजना का वित्तीय विवरण।
    3. स्रोत जिनसे सहयोगी निधियां प्राप्त की जाएंगी।
  5. आवेदक संगठन के गत तीन वर्षों के आय व व्यय का विवरण तथा किसी सनदी लेखाकार या सरकारी लेखा-परीक्षक द्वारा प्रमाणित गत वर्ष के तुलन-पत्र की प्रतिलिपि
  6. समुचित मूल्यवर्ग के स्टाम्प पेपर पर निर्धारित प्रोफार्मा में क्षतिपूर्ति बॉण्‍ड
  7. संस्वीकृत निधियों के इलेक्‍ट्रॉनिक अंतरण हेतु निर्धारित प्रोफार्मा में बैंक खाते का ब्यौरा

किस्त

अनुदान, 75 प्रतिशत (प्रथम किस्त) और 25 प्रतिशत (दूसरी किस्त) की दो किस्तों में जारी किया जाएगा।

भुगतान का तरीका

भुगतान केवल सम्बद्ध संगठन के बैंक खाते में इलेक्‍ट्रॉनिक अतंरणों से किया जाएगा।

स्‍कीम का कार्य निष्‍पादन

इस समारोह से संबंधित एक रिपोर्ट सजिल्‍द रूप में 3 प्रतियों में प्रस्‍तुत की जाएगी। इसकी पहली प्रति मंत्रालय को तथा दूसरी प्रति आईजीएनसीए को और तीसरी प्रति उस संगठन को प्रस्‍तुत की जाएगी जिसने आवेदन प्राप्‍त करता संगठन के आवेदन पत्र की सिफारिश की थी।

मामलों पर कार्रवाई हेतु लगने वाला समय

अपेक्षित दस्‍तावेजों से समर्थित नहीं किए गए अपूर्ण आवेदनों को सरसरी तौर पर निरस्‍त कर दिया जाएगा और वापस कर दिया जाएगा।

एन. बी.

  1. यह स्‍कीम कॉलेजों / विश्‍वविद्यालय महोत्सवों के लिए नहीं है।
  2. यह स्‍कीम वैयक्तिक आवेदकों के लिए नहीं है।

सभी अनुदान प्राप्‍तकर्ताओं के लिए अनुदेश

अब से सभी विभिन्‍न अनुदान प्राप्‍तकर्ता संगठनों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे उनके आस-पास के किसी विद्यालय में कम से कम 2 गतिविधियों (उदाहरणार्थ समारोह, व्‍याख्‍यान, संगोष्‍ठी, कार्यशाला, प्रदर्शनी आदि) का आयोजन करें। अनुदान प्राप्‍तकर्ता के लिए दूसरी किस्‍त जारी करने हेतु संबंधित स्‍कूल के प्रधानाचार्य से प्रमाणपत्र एक अनिवार्य रूप से प्रस्‍तुत करना होगा।

  • National Culture Fund
  • http://india.gov.in/
  • http://www.incredibleindia.org/
  • http://ngo.india.gov.in/
  • http://nmi.nic.in/
  • http://mygov.in